← सभी लेख देखें
RO एवं प्लंबिंगप्रकाशित: 2026-08-15•4 मिनट पठन
बालाघाट के पानी का खारापन: आपके RO प्यूरिफायर और गीजर पर असर
OCS
ONE CALL SERVICE टेक्निकल टीमबालाघाट सर्विस एक्सपर्ट्स
बालाघाट के कई आवासीय इलाकों — खासकर गोंदिया रोड, प्रेमनगर और कोसमी के बोरवेल पानी में टीडीएस (TDS) और खनिज लवण काफी ज्यादा पाए जाते हैं। जब यह खारा पानी घरेलू गीजर में गर्म होता है, तो कैल्शियम और मैग्नीशियम कॉपर हीटिंग कॉइल पर जमकर सफेद पपड़ी बना देते हैं।
यह पपड़ी इंसुलेटर का काम करती है, जिससे गीजर को पानी गर्म करने में बहुत अधिक बिजली लगती है और 1-2 सीजन में ही गीजर का हीटिंग एलिमेंट जल जाता है।
इसी तरह, वाटर प्यूरिफायर (RO) में अगर बाहरी सेडिमेंट फिल्टर को हर 3 से 4 महीने में न बदला जाए, तो महीन लाल मिट्टी अंदर की महंगी कार्बन और आरओ मेम्ब्रेन को पूरी तरह चोक कर देती है।
### जरूरी मेंटेनेंस के 3 नियम:
1. **नियमित सेडिमेंट कैंडल बदलें:** बाहर लगे ट्रांसपेरेंट फिल्टर बाउल की मोमबत्ती हर 90 दिन में बदलें।
2. **समय पर TDS जांच:** हर 6 महीने में लोकल तकनीशियन से इनपुट और आउटपुट टीडीएस लेवल की जांच करवाएं।
3. **सर्दियों से पहले गीजर डीस्केलिंग:** ठंड का मौसम शुरू होने से पहले गीजर की कॉइल से जमा हुआ खारापन साफ करवाएं।
सुझाई गई सेवा
अभी बुक करेंRO / वॉटर प्यूरिफायर
बालाघाट में आपके घर पर तुरंत उपलब्ध।
